नई दिल्ली । सब्जियों की कीमतों में इन दिनों आग लगी हुई है। लोगों की थाली से आलू-टमाटर और प्याज सहित अन्य हरी सब्जियां गायब हो रही हैं। देश के कई शहरों में आलू अब 50 रुपए प्रति किलो के पार जाने को बेकरार है, वहीं प्याज भी कई जगहों पर पचासा पूरी कर चुकी है, यानी 50 रुपए किलो पहुंचकर प्याज अब आंसू निकालने लगा है। वहीं टमाटर के तेवर और तीखे हुए हैं। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश में टमाटर की औसत खुदरा कीमत 50 रुपए थी, जबकि अधिकतम 120 और न्यूनतम 20 रुपए प्रति किलो।आलू की बात करें,तब देश में यह 25 से 60 रुपए किलो बिक रहा है, जबकि इसका औसत मूल्य 40 रुपए है। कई सरकारों की बलि लेने वाला प्याज अब ज्यादा उछलने लगा है। मंत्रालय के मुताबिक प्याज 18 से 60 रुपए किलो बिक रहा है।
सरकार प्याज के रेट न बढ़ने पाए इसके लिए फौरी उपाय करते हुए सरकार ने प्याज की सभी किस्मों के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। केंद्र सरकार के प्याज निर्यात पर पूरी तरह रोक लगाने को लेकर महाराष्ट्र में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। बावजूद इसके दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। जहां तक टमाटर की कीमतों में उछाल की बात है तो देश के दक्षिणी और पश्चिमी इलाकों में भारी बारिश से टमाटर की आपूर्ति प्रभावित हुई है। 
बता दें देश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के कारण धान, दलहन, तिलहन, मसाले, फलों और सब्जियों सहित विभिन्न खड़ी फसलों को प्रभावित किया है। शुक्रवार को यह जानकारी संसद को दी गई। रबी और खरीफ दोनों में प्याज को बोया जाता है। महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक में ये फसल मई और नवंबर तक तैयार हो जाती हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश, आंध्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बंगाल में ये फसल इसके आगे-पीछे तैयार होती है। इस साल दक्षिण भारत और महाराष्ट्र में टमाटर की फसल कम रहने की आशंका है।