भोपाल। कार्यकर्ता पार्टी का चेहरा होता है, प्रवक्ता होता है। भविष्य में इन्हीं कार्यकर्ताओं में से नेतृत्व निकलकर आता है। प्रशिक्षण की  बदौलत साधारण कार्यकर्ता भी शिखर तक पहुंच जाता है, यह बात हमारे नेताओं ने साबित की है। इसीलिए भारतीय जनता पार्टी में कार्यकर्ता निर्माण एक सतत प्रक्रिया है। पार्टी अपने विचार से कार्यकर्ताओं को अवगत करा सके, यही प्रशिक्षण का उद्देश्य है। प्रशिक्षण वर्ग में सीखी गई बातें हमें बहुत आगे तक ले जाती हैं। प्रत्येक कार्यकर्ता बूथ-बूथ तक अपनी राजनीतिक और सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वाह कर सके, इसके लिए प्रशिक्षण बेहद जरूरी है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने रविवार को मिसरोद मंडल में पार्टी के प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ करते हुए कही। समारोह को गोविंदपुरा विधायक श्रीमती कृष्णा गौर, महामंत्री भगवानदास सबनानी एवं जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी ने भी संबोधित किया।
- एक विचार से शुरू हुई भाजपा की यात्रा
प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कार्यकर्ताओं को पार्टी के इतिहास की जानकारी देते हुए बताया कि पं. नेहरू के मंत्रिमंडल उद्योगमंत्री के रूप में शामिल डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी को कश्मीर में धारा 370 लागू करना और दो विधान, दो निशान, दो प्रधान वाली व्यवस्था पसंद नहीं थी। उन्होंने इसका विरोध किया और उद्योगमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। आगे चलकर उन्होंने 1951 में जनसंघ की स्थापना की और कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति के लिए संघर्ष किया, जेल गए और अपना बलिदान दे दिया। श्री शर्मा ने कहा कि ऐसे समय में जबकि दुनिया में पूंजीवाद और साम्यवाद असफल साबित हो रहे थे, हमारे नेता पं. दीनदयाल उपाध्याय जी ने एकात्म मानव दर्शन दिया। उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए अंत्योदय की अवधारणा दी। 1980 में स्व. अटलजी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई। उस समय हमारे लोकसभा में दो ही सदस्य थे, लेकिन हमारे विचार और कार्यकर्ताओं की बदौलत आज हमारी पूर्ण बहुमत वाली सरकार है। हमारी पार्टी ने अपने नेताओं के संकल्पों को संघर्ष के आधार पर साकार किया। आज हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने कश्मीर से धारा 370 को समाप्त करके डॉ. मुखर्जी के संकल्प को साकार कर दिया है और अंत्योदय के लिए हमारी केंद्र सरकार विभिन्न योजनाएं चला रही हैं।
- सफलतापूर्वक निभायी सामाजिक जिम्मेदारी
श्री शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक विचार आधारित संगठन है, कार्यपद्धति पर काम करने वाला संगठन है। राजनीतिक के साथ-साथ हमारी सामाजिक जिम्मेदारी भी है और कोविड संकट के समय हमने इसका सफलतापूर्वक निर्वाह भी किया है। इस संकट के समय पार्टी ने जिस तरह अपनी जिम्मेदारी पूरी की और कार्यकर्ताओं ने जिस तरह अपनी भूमिका निभाई, उसकी तारीफ सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि सारी दुनिया में हो रही है। श्री शर्मा ने कहा कि कार्यकर्ता पार्टी का प्रतिनिधि है इसलिए उसे भी अपनी सामाजिक भूमिका निभानी होगी। कार्यकर्ता अपनी इस भूमिका को सफलतापूर्वक निभा सकें, इसके लिए उनका प्रशिक्षण बेहद जरूरी है।
- कार्यकर्ता अपनी भूमिका को पहचानें
श्री शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विचार पर आधारित दल तो है ही, यह कार्यकर्ता आधारित पार्टी भी है। जनसंघ से शुरू होकर आज अगर भारतीय जनता पार्टी दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल है, तो इसमें हमारे विचार की भूमिका तो है ही, हमारे कार्यकर्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। केन्द्र में हमारी पूर्ण बहुमत वाली सरकार है, तो यह भी कार्यकर्ताओं की बदौलत ही संभव हुआ है। श्री शर्मा ने कहा कि कार्यकर्ता हमारे विचार से भलीभांति परिचित हों, वो भारतीय जनता पार्टी से क्यों जुड़े हैं और भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्र और समाज के उत्थान में क्या भूमिका है, कार्यकर्ताओं के लिए यह जानना बहुत जरूरी है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य यही है कि कार्यकर्ता अपने विचार को जानें, वे अनुशासित हों और उनके व्यक्तित्व का विकास हो।