झांसी. उत्तर प्रदेश के झांसी में कोरोना संक्रमण (Corona Infection) और लॉकडाउन (Lockdown) के बीच पाकिस्तानी हमलावरों से लोगो में दहशत का माहौल बन गया है. बुंदेलखंड (Bundelkhand) के किसान (Farmers) पाकिस्तान (Pakistan) से आए करोड़ों की तादाद में टिड्डियों (Locusts) के समूह से खौफ में हैं. झांसी (Jhansi) में लगातार चौथे दिन टिड्डी दल ने किसानों की फसल पर जमकर कहर बरपाया है. झांसी शहर के बाद बरुआसागर कस्बे में पाकिस्तानी टिड्डियों के हमले से किसान सहम गए हैं. करोड़ों की तादाद में आए इन हमलावरों से जान बचाने के लिए लोगों को घरों में कैद होने के लिए मजबूर होना पड़ गया है.बरुआसागर के बाद पाकिस्तानी टिड्डियो ने बबीना कस्बे में भी हमला बोल दिया. किसानों की हरी सब्जियों के साथ हरे पेड़ों के पत्तों को टिड्डियों ने भारी नुकसान पहुंचा दिया. वहीं टिड्डियों को काबू में करने के लिए झांसी जिला प्रशासन ने मैराथन बैठक कर बड़े पैमाने पर कीटनाशक का छिड़काव किया और टिड्डियो के झांसी में ही खात्मे की पूरी रणनीति बना ली है. इसी रणनीति के तहत झांसी जिला प्रशासन ने रविवार की रात पाकिस्तानी टिड्ड्यों पर बड़े स्तर पर कीट नाशक का छिड़काव करते हुए 40 लाख से भी ज्यादा की तादात में टिड्ड्यों को मार गिराया.

क्या बोले झांसी के जिलाधिकारी
जिलाधिकारी आंद्रा वामसी का कहना है कि ईरान के रास्ते पाकिस्तान से होते हुए भारत में प्रवेश करने के बाद सबसे पहले करोड़ों की तादाद में टिड्ड्यों के समूह ने सबसे पहले पंजाब, राजस्थान में किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया. इसके बाद हमलावर टिड्डियों के समूह के आगरा में पहुचने की आशंका जताई जा रही थी. लेकिन टिड्डियों का समूह आगरा की बजाए झांसी आ गया. 3 दिन में पाकिस्तानी टिड्डियो ने जिले के कई गावों में धावा बोलकर किसानों की हरी सब्जियों के साथ साथ पेड़ों की हरी पत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा दिया.

90 लाख में से 40 लाख ढेर: डीएम
डीएम ने कहा कि टिड्डियों के खात्मे के लिए कई टीमें बनाई गई हैं. इन टिड्डियों का मुख्य स्थान नदियों, नहरों के साथ तराई वाली जगह हैं. जहां करोड़ों की तादाद में टिडडियां हरी सब्जियों को बर्बाद कर देती हैं. रात के समय पाकिस्तानी टिड्डियों पर कीटनाशक डालकर उनका खात्मा किया जाता है. फिलहाल जिले में तरीबन 90 लाख टिड्डियां आई थीं, जिनमें 40 लाख टिड्डियों को मार गिराया गया है.