• मूलमुला क्षेत्र के गांव सेमरिया का मामला, गांव में सोमवार को 33 पॉजिटिव मिले हैं
  • महिलाएं सभी संक्रमित मरीजों का उपचार गांव में ही करने की मांग कर रही थीं

 

छत्तीसगढ़ के जांजगीर में सोमवार शाम को कोरोना संक्रमित मरीजों को लेने गए स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिसवालों पर महिलाओं ने हमला कर दिया। इसमें ग्रामीणों ने भी साथ दिया।महिलाओं ने लाठी-डंडे लेकर दौड़ाया और फिर वहां से भाग रही टीम पर पत्थर बरसाए। महिलाएं संक्रमित मरीजों को गांव से ले जाने का विरोध कर रही थीं।

जानकारी के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग की शाम को रिपोर्ट आई तो उसमें मूलमुला क्षेत्र में गांव सेमरिया के 33 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीजों को लेने के लिए गांव पहुंच गई। वहां उन्होंने बड़ी संख्या में मरीजों के परिजन के साथ ग्रामीणों की सैंपलिंग शुरू की और मरीजों को ले जाने लगे।

मरीजों को नहीं भेजने पर अड़ गईं महिलाएं
इतनी बड़ी संख्या में लोगों को गांव से कोविड-19 अस्पताल ले जाने पर महिलाएं भड़क गईं और उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची तो महिलाओं ने आपा खो दिया। उन्होंने लाठी-डंडे लेकर टीम और पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया। फिर भाग रहे अमले पर पत्थर फेंके। महिलाओं का कहना था कि मरीजों को नहीं ले जाने देंगे।

रात को मरीजों को भेजा जा सका अस्पताल
इसके बाद रात को पुलिसबल के साथ तहसीलदार भी पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया। बताया कि मरीजों का उपचार अस्पताल में ही बेहतर ढंग से हो सकता है। वहीं, महिलाओं का कहना था कि मरीजों के उपचार की व्यवस्था गांव में ही की जाए। इतने सारे लोगों को एक साथ गांव से नहीं ले जाने देंगे। हालांकि, काफी समझाने के बाद महिलाएं मान गईं।