पूर्व मध्यप्रदेश सरकार जहां एक और विवेकानंद युवा शक्ति निर्माण मिशन शुरू कर प्रदेश में रोजगार बडाÞने के वादे कर रही थी। वहीं अब सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनामी की एक रिपोर्ट से पता चला है की, विकास का नारा लगाने वाली बीजेपी प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने में पूर्ण तरह से असमर्थ थी। रिपोर्ट की मानी जाए तो 2016 में प्रदेश में बेरोजगारी दर 4.1% थी, जो दिसंबर 2018 में बढ़कर 9.8% जा पहुंची है। मौजूदा वक्त में प्रदेश में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से भी लगभग 2.4% अधिक है।

किसानों को ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भूअर्जन पर मिलेगा बाजार दर का 4 गुना मुआवजा
ईरान-अमेरिका टकराव: गुजरात के मुंद्रा पोर्ट आ रहे जहाज को IRGC ने समुद्र के बीच रोका
बेटे की हैवानियत—पिता को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का तीखा बयान—Lenskart विवाद पर बोले, “लाहौर में कंपनी खोल लो”