प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की बेटियों को बचाने और पढ़ाने के नारे के साथ साल 2015 में हरियाणा के पानीपत से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुवात की थी. उस समय हरियाणा के कई जिलों में बेटियों के जन्म दर की हालात बेहद खराब थी. सोनीपत जिले को देश के पहले 100 जिलों में शामिल किया गया था, जहां पर बेटियों की जन्म दर सबसे खराब थी. सोनीपत जिले में उस समय 1 हज़ार बेटो पर 870 बेटियां थी. बेटा पौदा करने की चाह में बेटियों का कोख में ही कत्ल किया जा रहा था. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बेटियों को बचाने का जिम्मा उठाया. 4 साल के बाद सोनीपत में बेटियों की जन्म दर 870 से बढ़कर 937 जा पहुंची है. जिसके लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात में सोनीपत जिले की तारीफ कर चुके हैं. पिछले साल झुंझनु में सोनीपत जिले को इसके लिए सम्मान भी दिया गया.

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