10 साल पुराने दोस्त ने की हत्या, शव और वाहन खाई में फेंका
नागौर: राजस्थान के खींवसर थाना इलाके में पुलिस ने करीब चार महीने पुराने एक पेचीदा 'ब्लाइंड मर्डर केस' की गुत्थी सुलझाते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है। जिस वारदात को शुरुआती दौर में महज एक सड़क दुर्घटना समझा जा रहा था, वह असल में ठंडे दिमाग से रची गई हत्या की एक खौफनाक साजिश निकली। पुलिस ने इस मामले में मृतक के पुराने व्यापारिक साझेदार (पार्टनर) पूनाराम जाट को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने अपने साथी की जान लेने के बाद सबूत मिटाने के लिए पूरी घटना को हादसे का रूप देने की कोशिश की थी।
10 साल पुरानी दोस्ती का खूनी अंत, पैसों के तकादे से परेशान था आरोपी
पुलिस के मुताबिक, मृतक घमंडाराम और आरोपी पूनाराम जाट पिछले एक दशक से अनाज के कारोबार में एक साथ जुड़े हुए थे। लंबे समय से साथ काम करने के कारण दोनों के बीच लाखों रुपयों का लेन-देन चल रहा था। घमंडाराम लगातार अपने बकाए पैसों की मांग कर रहा था, जिससे तंग आकर पूनाराम ने उसे अपने रास्ते से हटाने का मन बना लिया और उसकी हत्या का ताना-बाना बुन डाला।
मिठाई की दुकान से किया फोन, फिर ट्यूबवेल पर बुलाकर उतारा मौत के घाट
साजिश के तहत आरोपी पूनाराम ने अपनी पहचान छिपाने के लिए एक मिठाई की दुकान से घमंडाराम को फोन मिलाया और पैसे लौटाने के बहाने उसे अपने खेत पर बने ट्यूबवेल पर बुला लिया। 24 जनवरी 2026 को घमंडाराम अपनी बोलेरो गाड़ी लेकर वहां पहुंचा। खेत पर दोनों के बीच पैसों को लेकर फिर से कहासुनी हुई, जिसके बाद तैश में आकर पूनाराम ने लोहे के भारी सरिये से घमंडाराम के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
एक्सीडेंट का रूप देने के लिए बोलेरो समेत शव को गहरे गड्ढे में फेंका
घमंडाराम की मौत हो जाने के बाद आरोपी ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए शातिर दिमाग लगाया। उसने शव को वापस बोलेरो गाड़ी में डाला और पांचला सिद्धा से नारवा जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे एक गहरे खड्डे में गाड़ी समेत शव को नीचे गिरा दिया, ताकि देखने वालों को यह आम रोड एक्सीडेंट लगे। इस वारदात को अंजाम देकर आरोपी चुपचाप पैदल ही अपने घर लौट गया और अगले दिन परिजनों ने भी इसे हादसा मान लिया था।
वैज्ञानिक साक्ष्यों और FSL रिपोर्ट के आगे टूटा कातिल, एसपी ने दी जानकारी
जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने तकनीकी अनुसंधान, मोबाइल टावर लोकेशन, कॉल डिटेल्स और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। कड़ियों से कड़ियां जुड़ने के बाद जब पुलिस ने पूनाराम को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो वह ज्यादा देर झूठ नहीं टिक सका और उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी पूनाराम जाट को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

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