अमृत मिशन-2 को जल्द हरी झंडी मिलने की उम्मीद
अजमेर। अजमेर में जलापूर्ति व्यवस्था के लिए अमृत मिशन 2.0 को जल्द हरी झंडी मिल सकती है। योजना के तहत करीब 186 करोड़ रुपए के होने वाले विभिन्न कार्यों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) फाइनल हो गई है। अब विभाग की तकनीकी कमेटी से इसे हरी झंडी मिलने का इंतजार है। बीते कुछ समय से डीपीआर में बदलाव हो रहे थे। मुख्य अभियंता ने डीपीआर को फाइनल कर दिया। इसे अब स्वीकृति के लिए विभाग की तकनीकी कमेटी को भेजा गया है। बताया जा रहा है कि जल्द इसे स्वीकृति मिलेगी।
आमंत्रित होंगी निविदायें
मिशन के तहत होने वाले विविध कार्यों की निविदाएं आमंत्रित की जाएगी। डीपीआर में पूर्व में कुल 11 टंकियां थी। इसमें पंचशील ए ब्लॉक, गणेश गुवाड़ी, छतरी योजना, रातिडांग, ज्ञान विहार बीके कौल नगर, आरपीएससी के पीछे बंदिया गांव, एचएमटी, कल्याणीपुरा, एमडी कॉलोनी नाका मदार, फरीदाबाग व आम का तालाब में टंकी प्रस्तावित थी। लेकिन अब कुल दस टंकियों का निर्माण होगा। इसमें गणेश गवाड़ी व रातिडांग की टंकी को हटा दिया गया है। जबकि फॉयसागर रोड करणी विहार में टंकी का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। इसी तरह पूर्व में 3 स्वच्छ जलाशय (सीडब्ल्यूआर) - शक्तिनगर, प्रोफेसर कॉलोनी व माखुपुरा में बनने थे। इसे बढ़ाकर अब 5 कर दिया गया। इसमें पंचशील व फॉयसागर झील परिसर में सीडब्ल्यूआर का निर्माण जोड़ा गया है। फॉयसागर झील परिसर में 5 एमएलडी का ट्रीटमेंट प्लांट तथा झील में एक इंटैक वैल का निर्माण व करीब सात पंप हाउस डीपीआर में शामिल किए गए हैं। पूर्व में विभिन्न व्यास की करीब 38 किमी लंबी राइजिंगमैन लाइन व 282 किमी वितरण लाइनें डीपीआर में शामिल थी। जो अब क्रमशः 41 व 262 किमी हो गई है।

कौन हैं एआई किड ऑफ इंडिया, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान चर्चा में क्यों? जानिए उनके बारे में सबकुछ
टैरिफ ट्रंप का सबसे बड़ा हथियार: सस्ती दवाओं के लिए फ्रांस पर बनाया दबाव, वाइन पर 100% टैक्स की दी धमकी
Export Measures: निर्यात बढ़ाने के लिए सरकार के सात कदम, ई-कॉमर्स निर्यातकों को सस्ते कर्ज के साथ मदद भी
क्यों रूठ गए एमपी के गवर्नर? चाय छोड़ी, बीच में ही उठे खाने से
भागीरथपुरा जल त्रासदी पर विधानसभा में जोरदार हंगामा