Bilaspur कोर्ट परिसर में पति ने पत्नी को दिया ‘तीन तलाक’
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के जिला अदालत परिसर से कानून और समाज को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ एक मुकदमे की सुनवाई के लिए पहुंचे मुस्लिम युवक ने सरेआम अपनी पत्नी को तीन बार 'तलाक' बोलकर वैवाहिक रिश्ता खत्म करने की घोषणा कर दी। न्यायालय की चौखट पर घटित हुई इस अप्रत्याशित घटना के तुरंत बाद पीड़ित महिला ने थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई, जिस पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ तत्काल नए कानून के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर मामले को तफ्तीश में ले लिया है।
जानिए क्या है यह पूरा विवाद?
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दहेज के लिए किया जा रहा था तंग: सिविल लाइन थाना क्षेत्र की रहने वाली इस मुस्लिम युवती का निकाह करीब दो वर्ष पूर्व बिलासपुर के ही रहने वाले एक युवक के साथ पूरे रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था।
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कोर्ट में चल रहा था भरण-पोषण का केस: शादी के कुछ समय बीतने के बाद से ही ससुराल वालों ने कम दहेज लाने की बात कहकर नवविवाहिता को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। तंग आकर पीड़िता ने अपने मायके वालों के सहयोग से पूर्व में महिला थाने में दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके साथ ही उसने अपने गुजर-बसर (भरण-पोषण) के लिए स्थानीय अदालत में एक भरण-पोषण का केस भी दायर किया था।
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दस्तावेज की फोटोकॉपी कराने निकली थी पीड़िता: मंगलवार को इसी मामले की नियत पेशी (सुनवाई) के लिए दोनों पक्ष बिलासपुर कोर्ट पहुंचे हुए थे। अदालत की कार्यवाही शुरू होने से पहले पीड़िता कुछ जरूरी कानूनी दस्तावेजों की फोटोकॉपी (जीरॉक्स) कराने के लिए जैसे ही कोर्ट रूम से बाहर निकली, वैसे ही उसका पति भी उसके पीछे-पीछे आ गया।
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सरेआम दी गालियां और तोड़ दिया रिश्ता: आरोप है कि पति ने सरेआम अपनी पत्नी का रास्ता रोका और अपने परिवार को कानूनी पचड़ों व कचहरी में घसीटने का आरोप लगाते हुए बेहद भद्दी-भद्दी गालियां देना शुरू कर दिया। इसके बाद उसने गुस्से में आकर सबके सामने जोर-जोर से 'तीन तलाक' का उच्चारण किया और पत्नी से सारे संबंध हमेशा के लिए खत्म करने की बात कहकर वहां से चला गया।
अदालत परिसर में मच गया हड़कंप, पुलिस ने शुरू की जांच
भरे न्यायालय परिसर में हुई इस गैर-कानूनी हरकत को देखकर वहां मौजूद वकीलों और अन्य पक्षकारों के बीच हड़कंप मच गया और यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई। अपमानित महसूस कर रही पीड़ित महिला बिना देर किए सीधे सिविल लाइन थाने पहुंची और पुलिस अधिकारियों को पूरी आपबीती सुनाई।
मामले की संवेदनशीलता और मुस्लिम महिला (विवाह अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम के उल्लंघन को देखते हुए पुलिस ने त्वरित एक्शन लिया है। आरोपी पति के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है और पुलिस की एक टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

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