जमानत मिली पर जेल नहीं छूटेगी! कोयला घोटाला आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से 'अधूरी' राहत, EOW के मामलों में फंसे
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला लेवी घोटाले में आरोपी सौम्या चौरसिया, रानू साहू, समीर विश्नोई और सूर्यकांत तिवारी को सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त जमानत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई के बाद आरोपियों को प्रदेश से बाहर रहने की शर्त पर अंतरिम जमानत दी। कोर्ट ने यह आशंका जताई है कि यदि आरोपी प्रदेश में रहते हैं तो वो गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।
हालांकि ईओडब्ल्यू में दर्ज दूसरे मामलों में आरोपी होने के कारण आरोपियों को जेल में ही रहना होगा। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता की डिवीजन बेंच ने इस जमानत याचिका पर सुनवाई की।बेंच ने आरोपियों को कड़ी शर्तों के साथ जमानत दी है।
प्रदेश में रहने पर लगाई पाबंदी
आरोपियों को अपनी रिहाई के 1 सप्ताह के भीतर राज्य के बाहर अपने रहने के पते की जानकारी प्रस्तुत करनी होगी। उन्हें अपने रहने के स्थान की जानकारी भी अधिकार क्षेत्र के थाने में देनी होगी। अपने पासपोर्ट को विशेष अदालतों में जमा करना होगा। इसके साथ ही यह निर्देश दिए गए हैं कि वे अगले आदेश तक छत्तीसगढ़ राज्य में नहीं रहेंगे। आवश्यकतानुसार जांच एजेंसी या ट्रायल कोर्ट के समक्ष उपस्थित होना होगा। आरोपियों को जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग करना होगा।

यात्रीगण ध्यान दें: उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म विस्तार कार्य शुरू
‘ज्ञानी नहीं, अज्ञानी बजट है’—कमलनाथ का सरकार पर तीखा हमला
संघ प्रमुख Mohan Bhagwat की यूपी में सक्रियता से बढ़ी हलचल