पानी की आवक धीमी होने से सिंचाई विभाग चिंतित
जयपुर । धौलपुर जिले का सबसे बड़ा एवं भराव क्षेत्र वाला पार्वती बांध अस्तित्व के संकट से जूझ रहा है पार्वती बांध में पानी की आवक धीमी होने से लगातार दूसरी साल पूरा भरने की संभावना कम है पार्वती बांध में अब तक सिर्फ 2.30 मीटर पानी की आवक हुई है जो औसत से भी कम है पार्वती बांध की कुल भराव क्षमता 223.41 मीटर है, लेकिन अब तक 216.70 तक ही गेज पहुंचा है, जबकि पार्वती बांध का 786 वर्ग किमी कैचमेंट एरिया है. वहीं, बांध में पार्वती व शैरनी नदियों सहित कई नालों से पानी की आवक होती है, लेकिन लगातार दूसरी बर्ष पार्वती बांध में पानी की आवक धीमी होने से अस्तित्व पर संकट छा गया है पार्वती बांध में सबसे अधिक पानी की आवक करौली जिले से होती है. वहीं, पार्वती व शैरनी नदियों का उदगम भी यही से होता है, लेकिन करौली जिले मे हल्की बारिश के कारण पार्वती बांध में पानी की आवक रूक गई है, जिसका असर जिले के बाड़ी, बसेड़ी, सैपऊ व सरमथुरा उपखंड में पड़ सकता है. पार्वती बांध से सरमथुरा उपखंड में पेयजल व बाड़ी, बसेड़ी व सैपऊ उपखंड में सिचाई के लिए पानी की पूर्ति करता है. पार्वती बांध में पानी की आवक धीमी देख सिंचाई विभाग के अधिकारी भी चिंतित है।

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