केन-बेतवा परियोजना को लेकर आदिवासियों से हुई जीतू पटवारी की बैठक
पन्ना: केन-बेतवा लिंक परियोजना के कारण विस्थापित हो रहे आदिवासियों का मुद्दा अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी प्रभावित परिवारों से मिलने और उनका समर्थन करने ढोढन बांध पहुंचे। इस दौरान भावुक कर देने वाले दृश्य सामने आए, जहाँ अपनी जमीन और घर खोने के डर से कई आदिवासी परिवार कांग्रेस अध्यक्ष के सामने ही फफक-फफक कर रो पड़े।
भावुक हुए विस्थापित: "राहुल गांधी ने भेजा है आपकी लड़ाई लड़ने"
परियोजना के तहत प्रस्तावित ढोढन बांध के निर्माण से विस्थापित हो रहे ग्रामीणों ने जीतू पटवारी को अपनी पीड़ा सुनाई। आदिवासियों का आरोप है कि उन्हें उचित मुआवजा और पुनर्वास की सुविधाएं नहीं मिली हैं और उन पर घर खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है। पटवारी ने प्रभावितों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वे अकेले नहीं हैं और राहुल गांधी ने स्वयं उन्हें आदिवासियों के हक की लड़ाई लड़ने के लिए पन्ना भेजा है।
भारी पुलिस बल पर भड़के पटवारी: "यह भाजपा का राज है या तालिबान का?"
कांग्रेस अध्यक्ष के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया था और कई जगहों पर बैरिकेड्स लगाए गए थे। जब पटवारी के काफिले को रोकने की कोशिश की गई, तो वे सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या प्रदेश में लोकतंत्र खत्म हो गया है? उन्होंने इसे तानाशाही करार देते हुए कहा कि सरकार आदिवासियों की आवाज को दबाने के लिए पुलिस का सहारा ले रही है, जो संविधान की मूल भावनाओं के खिलाफ है।
पुनर्वास और मुआवजे में अन्याय का आरोप
जीतू पटवारी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना के नाम पर आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन को छीना जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुआवजे के वितरण में भारी अनियमितताएं हुई हैं और कई गरीब परिवारों को उनके हक से वंचित रखा गया है। कांग्रेस नेता ने साफ किया कि उनकी पार्टी इस अन्याय के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी और विस्थापितों को उनका अधिकार दिलाकर रहेगी।
तानाशाही के खिलाफ संघर्ष का ऐलान
पूरे घटनाक्रम को सरकार के अहंकार का प्रतीक बताते हुए पटवारी ने कहा कि जनता की आवाज दबाने वाली सरकारें ज्यादा दिन टिक नहीं पाती हैं। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 19(1)(d) का हवाला देते हुए कहा कि किसी को भी पीड़ितों से मिलने से रोकना अलोकतांत्रिक है। कांग्रेस ने घोषणा की है कि जब तक हर विस्थापित परिवार को सम्मानजनक पुनर्वास और उचित मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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