शराब के वेयरहाउस में निजी क्षेत्रों की दखलंदाजी बढ़ाने पर विचार


भोपाल । मध्यप्रदेश में एक बार फिर से शराब के दाम बढ़ सकते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि सरकार जल्द ही शराब के वेयरहाउस में निजी क्षेत्रों के पैर ज्यादा पसारने पर विचार कर रही है। जिसके लिए दो प्रस्ताव दिए गए हैं अगर ये लागू किए जाते हैं तो शराब के दाम पूरी तरह से मनमाने हो सकते हैं। बता दें कि पहले प्रस्ताव में वेयरहाउस के प्रबंधन का काम पीपीपी मोड पर देने की बात है वहीं बात अगर दूसरे प्रस्ताव की बात करें तो निजी क्षेत्र की किसी कंपनी को वेयरहाउस सौंपकर उसे मप्र ब्रेवरीज कॉर्पोरेशन के अधीन करने का प्रपोजल दिया गया है। दोनों प्रस्ताव की बात करें तो रिटेलर को शराब देने का काम सरकार अपने हाथ में रखेगी, जबकि दूसरे में ऐसा नहीं होगा। सूत्रों के मुताबिक इस पर जल्द ही फैसला हो सकता है। पीपीपी मोड या कॉर्पोरेशन की व्यवस्था में नए वेयरहाउस बनाना और उसे अत्याधुनिक व्यवस्था में चलाने का खर्च निजी संस्था को वहन करना होगा। इस खर्च को निकालने के लिए प्रति नगर शराब के दाम बढ़ेंगे। जानकारी के लिए बता दें कि मप्र से बाहर और देश के बाहर की फॉरेन लिकर (विदेशी शराब) के लिए 10ए और 10बी को ई-आबकारी पोर्टल पर लाइव कर दिया गया है। यानी इस पोर्टल पर ही रिटेलर को ब्रांड के नाम और ली जाने वाली क्वांटिटी बतानी होगी। रिटेलर इसे निजी व्यवस्था के आगे बढऩे का संकेत बता रहे हैं।