बहनजी से सांसदों का मोहभंग....दूसरे दलों में जाने को बेकरार
लखनऊ । लोकसभा चुनाव करीब है। इसके बाद हर दल अपना कुनबा बढ़ाने में जुटा है। उधर, बसपा के सांसदों में हाथी से उतरने की होड़ मची हुई है। दो सांसदों ने जहां दूसरे दलों का दामन थाम लिया। वहीं दो अन्य सांसदों ने राहुल की न्याय यात्रा में शामिल होकर नीला झंडा उतारने का संकेत दे दिया है। लिहाजा, इसी हफ्ते पार्टी के कई सांसद दूसरे दलों में शामिल होने की घोषणा कर सकते हैं।
बसपा के कुल 10 सांसद 2019 के चुनाव में जीते थे। इनका 2024 आम चुनाव से पहले पार्टी से मोहभंग हो रहा है। लिहाजा, कार्यकाल के अंतिम साल ये सांसद बीजेपी, सपा और कांग्रेस नेताओं से संपर्क में हैं। इसकी फोटो भी सोशल मीडिया पर शेयर करते रहे। चर्चा है कि 4 सांसद बीजेपी, 3 सपा और 3 कांग्रेस के संपर्क में हैं। इसमें से बसपा सांसद अफजल अंसारी का टिकट सपा ने लॉक कर दिया है। उधर, सांसद रितेश पांडेय ने भाजपा का दामन थाम लिया है। साथ ही पार्टी से निलंबित चल रहे सांसद दानिश अली कांग्रेस से मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। वहीं श्याम सिंह यादव की सपा-कांग्रेस से नजदीकी काफी बढ़ गई है। इन्होंने न्याय यात्रा में शामिल होकर खुद को बसपा से अलग करने का संकेत दे दिया है।
चर्चा है कि लालगंज की सांसद संगीता आजाद भी भाजपा में शामिल हो सकती हैं। बसपा सांसद मलूक नागर रालोद के संपर्क में बताए हैं। सहारनपुर के सांसद हाजी फजलुर्रहमान का भी बसपा में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। लिहाजा, बसपा के शेष सभी सांसद भी दूसरे दलों में भविष्य तलाश रहे हैं। सभी सांसदों के दूसरे दलों में जाने की खबरों से बसपा सतर्क हो गई है। लिहाजा, वह प्रत्याशियों की लिस्ट जारी करने में जल्दबाजी नहीं कर रही है।

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