राजस्थान में ट्रेनों की सौगात, जोधपुर-जालोर-जैसलमेर को मिली नई कनेक्टिविटी
जोधपुर। मारवाड़ के रेल नेटवर्क और यात्री सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। अपने एक दिवसीय दौरे पर जोधपुर पहुंचे केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुनियादी ढांचे के विकास और नए ट्रेन संचालनों से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की। इस भव्य समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण जोधपुर से देश की राजधानी के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार रहा, जिसमें अब सीटों की क्षमता को तीन गुना तक बढ़ा दिया गया है।
वंदे भारत में अब 1440 यात्री कर सकेंगे सफर; वेटिंग लिस्ट से मिलेगी निजात
जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस को अब यात्रियों की भारी मांग को देखते हुए 8 कोच से बढ़ाकर सीधे 20 कोच की रैक के साथ चलाने का निर्णय लिया गया है। इस नई व्यवस्था में 78 सीटों वाले 16 सामान्य डिब्बे, 44 सीटों वाले 2 एक्जीक्यूटिव डिब्बे और 52 सीटों की क्षमता वाले 2 अन्य विशिष्ट डिब्बे जोड़े गए हैं। इसके चलते ट्रेन की कुल यात्री क्षमता अब 530 से बढ़कर 1,440 सीटों की हो गई है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस क्षमता विस्तार से दिल्ली मार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों को टिकट की अनुपलब्धता और लंबी वेटिंग से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। इस अपग्रेड की गई ट्रेन का नियमित परिचालन शनिवार से शुरू होगा।
जैसलमेर में मॉडर्न कोच केयर कॉम्प्लेक्स शुरू; गुजरात के लिए मिली सीधी सुपरफास्ट ट्रेन
कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए रेल मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर नवनिर्मित अत्याधुनिक 'कोच केयर कॉम्प्लेक्स' का लोकार्पण किया। इस नई तकनीकी व्यवस्था के बाद अब जैसलमेर में ही ट्रेनों की तकनीकी जांच, धुलाई और बेहतर रख-रखाव स्थानीय स्तर पर संभव हो सकेगा, जिससे पर्यटन उद्योग को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही, साबरमती-जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के रूट का विस्तार अब जैसलमेर तक कर दिया गया है। इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिससे अब राजस्थान के इस सीमावर्ती पर्यटन केंद्र का गुजरात से सीधा और सुगम रेल संपर्क स्थापित हो गया है।
भगत की कोठी में बनेगा ₹400 करोड़ का मेगा टर्मिनल और देश का पहला वंदे भारत स्लीपर डिपो
मारवाड़ के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए भगत की कोठी रेलवे स्टेशन पर लगभग 400 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट से एक 'मेगा कोचिंग टर्मिनल' विकसित करने की घोषणा की गई है। इसके अतिरिक्त, यहाँ भारत के पहले 'वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मेंटेनेंस डिपो' के द्वितीय चरण (फेज-2) को भी आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। इस डिपो परिसर के भीतर रेलवे स्टाफ के लिए एक वर्ल्ड-क्लास ट्रेनिंग सेंटर भी स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा, रेल मंत्री ने जोधपुर-लूणी-मारवाड़ जंक्शन रूट पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाकर 130 किलोमीटर प्रति घंटा करने की घोषणा की।
उद्घाटन समारोह में उमड़ा जनसैलाब; जालौर से नई भुज-दिल्ली एक्सप्रेस रवाना
इस विकास यात्रा के शुभारंभ के दौरान क्षेत्र के आम नागरिकों और यात्रियों में भारी उत्साह देखा गया। स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत, विधायक अतुल भंसाली, देवेंद्र जोशी, पब्बाराम बिश्नोई और भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल सहित उत्तर पश्चिम रेलवे जोन के महाप्रबंधक अमिताभ और जोधपुर के डीआरएम अनुराग त्रिपाठी उपस्थित रहे। जोधपुर के कार्यक्रमों को संपन्न करने के बाद रेल मंत्री विशेष ट्रेन द्वारा जालौर पहुंचे। जालौर रेलवे स्टेशन से उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों को जोड़ने वाली एक और महत्वपूर्ण नई रेल सेवा 'भुज-दिल्ली एक्सप्रेस' को हरी झंडी दिखाकर अंतिम गंतव्य के लिए रवाना किया।

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