सर्दी के मौसम में शीत लहर से पशुओं को बचाएं
जयपुर । सर्दी के मौसम में शीतलहर का प्रकोप शुरू हो जाता है। ऐसे में पशुओं को भी शीतलहर से बचाना जरूरी होता है, वरना पशुधन बीमार पड़ सकता है। पशुपालन, गोपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा है कि राज्य में ठंड बढ़ने के साथ कुछ जगहों पर शीतलहर की शुरुआत हो चुकी है।
कई जिलों में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है। इतने कम तापमान से न केवल इंसान बल्कि पशु पक्षी भी प्रभावित होते हैं। खासकर दुधारू पशुओं के दुग्ध उत्पादन पर ठंड का बहुत असर पड़ता है। अधिक ठंड के कारण दुधारू पशु अक्सर जल्दी बीमार पड़ते हैं और दूध देना कम कर देते हैं। इसके कारण पशुपालकों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।उन्होंने पशुपालकों से अपील की है कि वे सर्दी के मौसम में अपने पशुओं का विशेष ध्यान रखें। उन्हें ठंड से बचाएं, रात के समय पशुओं को खुले में न बांधें। उन्हें कंबल या जूट के बोरों से ढंककर रखें। दिन के समय संभव हो तो उन्हें धूप में रखें। उन्होंने कहा कि ठंड के समय में पशुओं के आहार का भी विशेष ख्याल रखना चाहिए। उनके खुराक मे सूखा चारा, मोटा अनाज, सरसों की खल आदि की अधिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पशुओं को सप्ताह में दो बार गुड़ जरूर खिलाना चाहिए। उन्होंने पशुशाला को साफ और सूखा रखने की सलाह भी पशुपालकों को दी। उन्होंने कहा कि पशुओं के आश्रय स्थल एवं पशु शालाओं में समय-समय पर डिसइनफेक्टेंट का छिड़काव करके उन्हें विसंक्रमित भी करना चाहिए।

Grand Mufti of India: कौन हैं केरल में जन्मे मुस्लिमों के मसीहा शेख अबू बक्र अहमद? PM Modi से मुलाकात की हो रही चर्चा
CG Liquor Scam: सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर बिलासपुर हाईकोर्ट में सुनवाई
जब काम मांगने 'धुरंधर' फेम डायरेक्टर आदित्य धर के पास गई थीं मृणाल ठाकुर, एक्ट्रेस ने साझा किया किस्सा
T20 WC 2026: भारत बनाम नीदरलैंड, संभावित प्लेइंग 11 और हार्दिक-बुमराह को आराम
Surya Grahan 2026: आज आसमान में दिखेगा ‘रिंग ऑफ फायर’, क्या भारत में भी लगेगा सूर्य ग्रहण, जानिए टाइमिंग