स्कूल की किताबें कबाड़ में बेचीं, शिक्षक को रंगे हाथों पकड़ा गया
सीधी। बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने की मंशा को उस समय गहरा धक्का लगा जब सीधी जिले के सेमरिया सीएम राइस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की किताबें कबाड़ी को बेचते हुए रंगे हाथों एक शिक्षक पकड़ा गया। यह घटना रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे की है, जब ग्रामीणों ने एक ऑटो में बोरी भरकर ले जाई जा रही किताबें देखीं। जांच करने पर पाया गया कि किताबें सैकड़ों की संख्या में थीं और इन्हें स्कूल के शिक्षक चंद्र प्रकाश मिश्रा द्वारा बेचा जा रहा था।
कबाड़ी कालू बंसल ने स्वयं बताया कि शिक्षक मिश्रा ने उन्हें ये किताबें रद्दी बताकर बेचीं और ₹10 प्रति किलो के भाव पर सौदा तय हुआ। किताबें बच्चों को वितरित करने की बजाय कबाड़ में बेच दी गईं, जिससे शिक्षा के अधिकार का खुला उल्लंघन हुआ है। ग्रामीणों ने तुरंत विरोध जताया और कबाड़ी को किताबों सहित सेमरिया थाने ले गए। जब इस मामले पर प्रभारी प्राचार्य अनिल मिश्रा से बात की गई, तो वे शुरुआत में शिक्षक का बचाव करते हुए बोले कि ये प्रोजेक्ट वर्क हैं, लेकिन वीडियो में स्पष्ट रूप से किताबें दिखाई दे रही थीं। बाद में उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
समाजसेवी प्रभात वर्मा ने बताया कि यह पहली बार नहीं हुआ है। पूर्व में भी बच्चों को दी जाने वाली किताबें कबाड़ में जाती रही हैं, जबकि नियम के अनुसार अनुपयोगी किताबों को शासन को लौटाया जाना चाहिए। किताबें बच्चों तक नहीं पहुंचने से वे बाजार से ऊंची कीमत पर किताबें खरीदने को मजबूर होते हैं। थाना प्रभारी केदार परौहा ने बताया कि तहसीलदार के निर्देश पर किताबों से भरी गाड़ी को थाने में जब्त किया गया है। तहसीलदार जांच कर रहे हैं और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा के नाम पर इस शर्मनाक धोखाधड़ी ने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया है।
जहा आज सोमवार के दिन जिला शिक्षा अधिकारी पवन सिंह ने तीन शिक्षकों के नेतृत्व में टीम का गठन कर दिया है और आज शाम तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है ताकि विस्तृत रूप से कार्रवाई की जा सके।

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